वेरिकोस वेन के कारण ?

वेरिकोस वेन होने के लिए वैसे तो आनुवांशिक कारण मुख्य रुप से जिम्मेदार है लेकिन मोटापा, व्यायाम नहीं करने की आदत, महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान रक्त शिराओं पर अधिक दबाव पडने, रहन . सहन के गलत तौर तरीकोे तथा अघिक समय तक खडे रहने और पैर लटका कर बैठने आदि के कारण भी वेरिकोस वेन की आश्ंाका होती है। करीब चालीस प्रतिशत मरीजों में वेरिकोस वेन की बीमारी वंशानुगत होती है।

ऐसे परिवारोें में पीढी दर पीढी यह बीमारी चलती रहती है इसके अलावा मोटापा उम्र ढलने तथा व्यायाम नहीं करने के कारण रक्त शिरायें कमजोर पड जाती हैं और वेरिकोस वेन की समस्या उत्पन्न होती है। मेाटापे के कारण पैरों में चर्बी ज्यादा हो जाने की वजह से रक्त शिराओं को पर्याप्त सहारा नहीं मिल पाता और वे कमजोर पड जाती है ।

अधुनिक समय में इस बीमारी के प्रकोप में बढोतरी होने का कारण ऐसे व्यवसायों एंव पेशों का अविर्भाव है जिनमें या तो लम्बे समय तक खडा रहना पडता है या पैर लटका कर बैठे रहना पडता है! यही कारण है कि .टैफिक पुलिसवालों, सर्जनों, कम्प्यूटर एंव टाइपराइटर पर काम करने वालों तथा दफ्तरों में देर तक पैर लटकाकर बैठने वाले कर्मचारियों एंव अधिकारियों को यह बीमारी होने की अधिक आशंका होती है । बड़े बड़े पाॅंच सितारा होटलों के स्वागतकक्ष व रसोइघरों व काल सेंटरों में काम करने वाले नवयुवकों में हमेशा वेरिकोस वेन उत्पन्न होने का ख़तरा मडराता रहता है। पैर की हडडी के फ्रैक्चर एंव पैर की नसों में सूजन एंव रुकावट यानी डीप वेन थ्रोम्बोसिस ;डी0 वी0 टी0) होने पर भी वेरिकोस वेन हो जाने का खतरा अधिक रहता है।

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