वेरिकोस वेन है क्या ?

नई दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ अपालो अस्तपाल के वरिष्ठ कार्डियों वैस्कुलर सर्जन डा. के. के. पाण्डेय ने बताया कि वेरिकोस वेन त्वचा के नीचे कोमल ऊतक में असामान्य तौर पर बनने वाली रक्त शिरायें हैं जो फैली, मुडी एंव एक दूसरे से लिपटी होती हैं और जिनमें रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने वाले वाल्व या तो जन्मजात तौर पर होते ही नहीं या खराब होते हैं। रक्त को वापस हृदय तक ले जाने वाली रक्त नलिकाओं को शिरा कहा जाता है।

पैरों की रक्त शिराओं का गु़रुत्वाकर्षण के विपरीत अशुद्ध रक्त को हृदय की तरफ भेजना पडता है। शिराओं के जरियें जब अशुद्ध रक्त हृदय की ओर जाता है तब उनमें मौजूद वाल्व खुल जाते हैं लेकिन खडे होने के प्रभाव से जब रक्त नीचे की ओर आता है तो वाल्व बंद हो जाता है । वाल्च की खराबी या अनुपस्थिति के कारण वेरिकोस वेन से ग्रस्त रक्त शिरायें रक्त प्रवाह को नियन्त्रित नहीं कर पाती और रक्त के दबाव से वे फूल जाती है।         

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